खुलासा: दिल्ली में 10 में से एक महिला कम उम्र में बन रही दुल्हन, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट में सामने आया सच
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में 9.9 फीसदी महिलाओं की शादी कम उम्र में हुई है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र यानी बाहरी दिल्ली की बात करें तो 11.4 फीसदी शादियां हुईं। साल 2019 से जनवरी 2021 के बीच हुए इस सर्वे में यह भी पता चला है कि चार फीसदी गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं जिनकी आयु 15 से 19 साल है।
दिल्ली में महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के दावों की हालत यह है कि हर 10 महिलाओं में से एक शादी के लिए निर्धारित उम्र से कम में दुल्हन बन रही है। वहीं चार फीसदी माताएं भी इसी वर्ग यानी कानूनी उम्र से पहले से आती हैं।
हाल ही आई राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में 9.9 फीसदी महिलाओं की शादी कम उम्र में हुई है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र यानी बाहरी दिल्ली की बात करें तो 11.4 फीसदी शादियां हुईं। साल 2019 से जनवरी 2021 के बीच हुए इस सर्वे में यह भी पता चला है कि चार फीसदी गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं जिनकी आयु 15 से 19 साल है।
नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ डॉ. अनीता बताती हैं कि यह रिपोर्ट जमीनी हकीकत को बयां कर रही है। उनके यहां अक्सर ऐसे केस देखने को मिलते हैं, जो किसी डर की वजह से अपनी उम्र कम बताती हैं लेकिन उनके चेहरे से साफ पता चलता है कि कम आयु में ही विवाह हुआ है और गर्भवती होने के बाद वह जांच कराने पहुंची है।
पुरुषों में 90 और महिलाओं में महज 84 फीसदी साक्षरता वाली दिल्ली में यह असामनता इंटरनेट को लेकर भी है। दिल्ली में 85.2 फीसदी पुरुषों के पास स्मार्टफोन है, जो रोजाना इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनकी तुलना में 63.8 फीसदी महिलाएं ही स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रही हैं।
सर्वे में मिले हैं सबूत : सर्वे रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि जब घरों में जा-जाकर परिवारों से सवाल किए जा रहे थे तो उस दौरान 3.3 फीसदी महिलाएं गर्भवती थीं, जिनकी आयु 20 वर्ष से कम थी। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी संख्या 9.7 और शहरी में 3.2 फीसदी दर्ज की गई।
हर दूसरी महिला एनीमिया ग्रस्त, फिर भी सबक नहीं
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) की डॉ. प्रेरणा वर्मा बताती हैं कि उनके यहां आने वाली अधिकांश महिलाएं एनीमिया ग्रस्त मिलती हैं, जिसके बारे में न उन्हें पता होता है और न ही उनके परिवार को। स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार 15 से 19 साल की आयु में प्रजनन दर 19 है, लेकिन ग्रामीण दिल्ली में यह 42 और शहरी क्षेत्र में 18 है। यह दोनों ही राष्ट्रीय स्तर की तुलना में क्रमश: 21 और नौ गुना अधिक हैं। इसी उम्र में 51 फीसदी को एनीमिया ग्रस्त भी माना है।
तमाम चुनौतियों का कर रही हैं सामना
प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन की सीईओ सोनल कपूर बताती हैं कि उनकी टीम आए दिन जमीनी स्तर पर ऐसे हालात देख रही हैं। अक्सर लोग दिल्ली को एक ही नजरिए से देखते हैं जबकि यहां भी महिलाएं परिवार नियोजन, कम साक्षरता, नाबालिग उम्र में विवाह और गर्भवती होने जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
आंकड़ों पर नजर
n11159 महिलाएं और 1700 पुरुषों में से 12 फीसदी पुरुष, 9.9 फीसदी महिलाओं ने कानूनी उम्र से पहले विवाह होने की बात को स्वीकारा।
n42.2 फीसदी गर्भवती महिलाएं हर साल मिल रहीं एनीमिया ग्रस्त।
n22.6 फीसदी महिलाओं के नाम दिल्ली में जमीन/मकान की रजिस्ट्री।
n72.5 फीसदी महिलाओं के पास बैंक खाता।
n73.7 फीसदी महिलाओं के पास फोन, लेकिन स्मार्टफोन केवल 63.8 फीसदी के पास।
n27 फीसदी महिलाओं ने पति के हिंसक व्यवहार को स्वीकारा।
n3.7 फीसदी महिलाओं ने गर्भावस्था के दौरान हिंसा की शिकार होने की पुष्टि की।

Comments
Post a Comment